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राजस्थान के अलवर में भगवा संगठनों के साथ मिलकर मुस्लिम गौपालक को गौतास्कर बताकर अलवर पुलिस को अब छीनी हुई गायें वापस करना पड़ा है.

दरअसल, भगवा संगठनों की शिकायत पर अलवर पुलिस ने स्थानीय निवासी सुब्बा खान (45) पर गौतस्करी का आरोप लगाते हुए उसकी 51 गायों को बलपूर्वक छीन कर गौशाला को दे दिया था.

अब इस मामलें में एसडीएम ने किशनगढ़ बास के थानाधिकारी और गौशाला प्रबंधन को मुस्लिम गोपालक सुब्बा खान को गाय वापस देने का आदेश जारी किया है. ये फैसला थानाधिकारी किशनगढ़ की उस रिपोर्ट को संज्ञान में लेकर दिया गया है, जिसमे कहा गया कि सुब्बा खान गौतस्कर नहीं है.

हालांकि सुब्बा खान को पूरी गायें नहीं मिलने वाली. दरअसल, गौशाला प्रबंधन का कहना है एक गाय की बीमरी की वजह से मौत हो गई है. साथ ही सुब्बा को प्रति गाय 200 रुपए का खर्च भी जमा कराना होगा.  ऐसे में अब बेवजह उन्हें अपनी गायों को गौशाला से  लेने के लिए एक लाख से अधिक रुपए गौशाला में जमा कराने होंगे. ध्यान रहे इन गायो के 17 बछड़े हैं, जिन्हें तेरह दिनों से बोतलों से दूध पिलाना पड़ रहा है.

वहीँ दूसरी और गायों को जबरन छीनकर लाने और पुलिस की मौजूदगी होने के बावजूद अभी तक किसी भी दोषी पुलिस अधिकारी या कर्मचारी और तथाकथित गौरक्षकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई. अब ऐसे में सवाल उठता है कि अगर ये न्याय है तो फिर अन्याय क्या है ?