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आज भारत में आधार कार्ड किसी की जिंदगी से भी ज्यादा जरूरी हो गया है इसका नया उदहारण है संतोषी की मौत की खबर. 11 साल की मासूम गरीब लड़की जिसकी भूख की वजह से मौत हो गयी, क्योंकि उसके परिवार का राशन कार्ड आधार लिंक न होने की वजह से सरकार कल्याणकारी विभाग से उनका नाम हटा दिया गया था.

आधार भारत सरकार द्वारा भारत के हर नागरिक को जारी किये गए 12 अंको की बॉयोमीट्रिक पहचान संख्या है, कई लोगो द्वारा तो इसे एक जीवन रेखा भी माना जा रहा है.

हिंदुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार झारखण्ड के सिमडेगा जिले की रहने वाली 11 वर्षीय मासूम संतोषी मौत से 4 दिन पहले भूखी थी, संतोषी की माँ दावा कर रही है की फ़रवरी से कोई राशन नहीं मिला था, ग्रामीणों के डोल और संतोषी भी मिड डे मील पर निर्भर थी.

परन्तु जब स्टॉक ख़तम हुआ और स्कूल भी उस दौरान दुर्गा पूजा की वजह से बंद हुआ तो संतोषी भूख से वंचित होने लगी तो 27 सितमबर को संतोषी को बहुत पेट दर्द हुआ और 24 घंटे के अंदर ही उसकी मौत हुई.

हालाँकि जलडेगा के ब्लॉक विकास अधिकारी संजय कुमार कोगरी का कहना है की संतोषी की मौत भूख की वजह से नहीं बल्कि मलेरिया की वजह से हुई है, हाँ उन्होंने यह बात स्वीकार की है की उनका राशन कार्ड CANCLE कर दिया गे था.

इस मामले की पूति खबर आई नहीं है, अभी पता नहीं चल पाया है कि बच्ची की मौत किस्से हुई परन्तु आरोपी अधर कार्ड को ही मान जा रहा है.

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