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अभिनय के बेताज बादशाह नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी एक मंझे हुए कलाकार है, जो भी रोल वो निभाते है उनमे जान फूंक देते है. चाहे मांझी के रूप में ‘जब तक तोड़ेंगे नही तब तक छोड़ेंगे नही’ जैसा डायलॉग हो या फिर किक फिल्म का सिरफिरा कातिल. गैंग्स ऑफ वास्सेपुर से अगर फैज़ल खान को निकाल दिया जाए तो फिल्म में कुछ नही बचेगा. यही वजह है की उनके चाहने वाले सिर्फ सरहद के इस पार नही बल्कि उस पार भी इसी तादात में…

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