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इस्लामिक इतिहास के चलते लगातार ताजमहल को निशाना बनाना बीजेपी को महंगा साबित हुआ है. इसे न केवल दुनिया भर में भारत की सांस्कृतिक प्रतिष्ठा को आघात पहुंचा है बल्कि प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी की उस अंतराष्ट्रीय छवि को भी नुकसान पहुंचा है. जिस पर बीजेपी को बड़ा नाज था.

ऐसे में अब प्रधान मंत्री ने खुद आगे आकर सफाई पेश की है. उन्होंने कहा कि ‘‘कोई भी देश विकास की कितनी ही चेष्टा करे, कितना ही प्रयत्न करे, लेकिन वो तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक वो अपने इतिहास, अपनी विरासत पर गर्व करना नहीं जानता। अपनी विरासत को छोड़कर आगे बढऩे वाले देशों की पहचान खत्म होनी तय होती है।”

ध्यान रहे ये विवाद उस वक्त शुरू हुआ था जब उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने ताजमहल को प्रदेश की पर्यटन सूची से बाहर कर दिया था.

इसके बाद बीजेपी नेता संगीत सोम के उस बयान ने इस विवाद को गहरा दिया जिसमे उन्होंने कहा कि ताजमहल भारतीय संस्कृति पर एक धब्बा है और इसे मुगलों ने बनाया जो कि गद्दार थे.