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दीपावली के मौके पर हिंदू धर्म के भगवान राम की हिन्दू रीती-रिवाजों से आरती करने को लेकर मुस्लिम महिलाओं के खिलाफ फतवा जारी हुआ है. ये फतवा देवबंद उलेमाओं ने जारी किया है. जिसमे कहा गया कि ये महिलाएं अब मुसलमान नहीं रही.

पत्रिका की रिपोर्टे के अनुसार, दारूलउलूम जकरिया मदरसे के मोहतमिम मौलाना मुफ्ती शरीफ खान ने कहा कि अल्लाह के अलावा किसी और की पूजा करना इस्लाम के खिलाफ है. जिन मुस्लिम महिलाओं ने वाराणसी, लखनऊ या फिर दुनिया के किसी भी कोने में श्रीराम की आरती की है, उन्हें मुस्लिम कहना अब शरियत एतबार से सही नहीं है.

उन्होंने कहा, इस्लाम में शरियत पूरी दुनिया के लिए एक ही है. शरियत के अनुसार मुसलमान को सिर्फ अल्लाह की पूजा करनी चाहिए. इस्लाम में सिर्फ अल्लाह की इबादत करने की इजाजत है.

शरीफ ने कहा, अगर कोई अल्लाह को छोड़कर किसी और तरीके से किसी अन्य देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करता है तो वह इस्लाम से खारिज हो जाएगा. वो मुसलमान ही नहीं रहेगा, क्योंकि उसने इस्लाम के कानून के खिलाफ काम किया है.

फिल्मों में एक्टर की और से पूजा करने के सवाल पर उन्होंने कहा, फिल्मों में काम करना हकीकत नहीं है. लोगों को खुश और डायरेक्टर के कहने पर एक्टर ऐसा करते हैं. जब उन्हें बताया गया कि सलमान खान गणपति पूजन करते है तो उन्होंने कहा, अगर सलमान खान अल्लाह को छोड़कर गणपति की पूजा करते हैं तो वे भी मुस्लिम कहने का हक खो चुके हैं.