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हाल ही में म्यांमार की यात्रा से लौटे ब्रिटेन के विदेश मंत्री बोरिस जाॅनसन ने रोहिंग्या मुस्लिमों के हालात को देखकर स्वतंत्र जांच की मांग उठाई है.

बोरिस जाॅनसन ने म्यांमार की यात्रा के दौरान हेलीकाॅप्टर से रोहिंग्या मुसलमानों के क्षेत्रों का निरीक्षण किया था. जिसके बाद उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि जो कुछ हमने देखा, उसे सूची ने देखा होगा. जाॅनसन ने आंग सान सूची से मांग की कि वे शरणार्थियों की वापसी के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के प्रतिनिधियों से सहयोग करें.

ब्रिटिश विदेशमंत्री ने रोहिंग्या मुस्लिमों के हालातों को लेकर कहा कि उन्होंने अपनी जिंदगी में कभी किसी के ऐसे हालात नहीं देखे. उन्होंने कहा, सैकड़ों गांवों को जला दिया गया था जो निश्चित रूप से बहुत भयानक है और उन्हें लगता है कि इस समय जिस चीज़ की ज़रूरत है वह राष्ट्र संघ के प्रतिनिधियों से सहयोग के लिए एक नेतृत्व है ताकि इन लोगों के इनके घरों तक लौटाया जा सके.

इस यात्रा के दौरान जाॅनसन शुक्रवार को बांग्लादेश की राजधानी ढाका भी पहुंचे थे. उन्होंने प्रधानमंत्री शैख़ हसीना वाजिद से मुलाक़ात में कहा था कि ब्रिटेन चाहता है कि रोहिंग्या शरणार्थियों को तुरंत म्यांमार वापस भेजा जाए. उन्होंने रोहिंग्याओं को शरण देने के लिए बांग्लादेश की सराहना की थी.

साथ ही उन्होंने कॉक्स बाज़ार ज़िले में क़ायम उस शरणार्थी कैंप का दौरा किया जहां लगभग 7 लाख रोहिंग्या मुसलमान पनाह लिए हुए हैं.

The post रोहिंग्याओं के हालात देखकर ब्रिटिश विदेशमंत्री ने उठाई स्वतंत्र जांच की मांग appeared first on Kohram Hindi News.

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