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क़तर और सऊदी अरब के बीच कुवैत की और से एक बार फिर मध्यस्था की कोशिश की गई है. लेकिन दोनों देशो के बीच तनाव और बढ़ता ही जा रहा है. क़तर ने अब सऊदी अरब पर शासन बदलने के लिए देश को अस्थिर करने का आरोप लगाया.

क़तर के विदेशमंत्री शेख मुहम्मद बिन अब्दुर्रहमान आले सानी ने कहा कि उनका देश संकट का समाधान वार्ता के ही माध्यम से करने के लिए प्रयासरत था. किंतु सऊदी अरब, क़तर को अस्थिर करना चाहता है.उन्होंने कहा कि रेयाज़, दोहा में तनाव बढ़ाकर वहां की सरकार को बदलने प्रयास में लगा हुआ है.

सीएनबीसी से बातचीत में उन्होंने कहा कि सऊदी अरब और तीन अन्य अरब देशों ने क़तर के विरुद्ध जो काम किया वह चरमपंथियों के हित में है. उन्होंने कहा कि क़तर की आवश्यकता के खाद्य पदार्थ और दवाएं, सामान्यतः देश की ज़मीनी सीमाओं के माध्यम से आया करती थीं जिसको सऊदी अरब ने बंद कर दिया है.

क़तर के विदेशमंत्री का कहना है कि देश की वायुसीमा का परिवेष्टन इस अर्थ में है कि क़तर के विमान केवल देश के उत्तरी भाग से ईरान की ओर ही उड़ान भर सकते हैं.

ध्यान रहे सऊदी अरब, संयुक्त अरब इमारात, बहरैन और मिस्र ने जून में क़तर पर आतंकियों का वित्तपोषण करने का आरोप लगाते हुए उसके साथ सभी सबंध समाप्त कर लिए थे.

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